पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के माध्यम से विकेंद्रीकृत और सहभागी स्थानीय स्वशासन प्राप्त करना।
दृष्टि विवरण
दृष्टि विवरण
पंचायती राज मंत्रालय राज्यों में विकेंद्रीकरण और स्थानीय शासन की वर्तमान में चल रही प्रक्रिया की देखभाल करता है।
किसी संघवाद में, सरकार की शक्तियाँ और कार्य दो सरकारों के बीच विभाजित होते हैं। भारत में ये संघ सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें हैं। किंतु, 1993 में भारत के संविधान के 73वें और 74वें संशोधन अधिनियम के पारित होने के साथ, शक्तियों और कार्यों का विभाजन स्थानीय स्वशासनों (ग्राम स्तर पर पंचायत और नगरों एवं बड़े शहरों में नगरपालिकाएं तथा नगर निगम) तक किया गया है। इस प्रकार, भारत की संघीय व्यवस्था में अब दो नहीं, बल्कि तीन स्तरीय सरकारें कार्य करती हैं।
पंचायती राज मंत्रालय, पंचायती राज और पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित सभी मामलों को देखता है। इसका गठन मई, 2004 में किया गया था। मंत्रालय का मार्गदर्शन कैबिनेट स्तर के मंत्री करते हैं। मंत्रालय का नेतृत्व व मार्गदर्शन इस समय माननीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जी कर रहे हैं।
सामाजिक न्याय के साथ समावेशी विकास और सेवाओं की कुशल प्रदायगी सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं का सशक्तिकरण, सक्षमता और जवाबदेही।
7, कृषि भवन, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली-110001
9वीं मंजिल, टॉवर II, जीवन भारती बिल्डिंग, कनॉट सर्कल, नई दिल्ली।
11वीं मंजिल, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, 25 कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली-110001