ई-ग्राम स्वराज ऐप ने पंचायतों के अंतिम स्तर के स्थानीय स्वशासन के लिए सूचना संग्रहण, सूक्ष्म स्तर पर नियोजन, कार्य-आधारित लेखांकन की एक तकनीकी-आधारित, एकीकृत प्रणाली को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस ऐप का उपयोग राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (चंडीगढ़ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के को छोड़कर) में 2.7 लाख पीआरआई द्वारा किया जा रहा है।
ईग्रामस्वराज पंचायती राज मंत्रालय का एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो पंचायत योजना और विकास से संबंधित सम्पूर्ण प्रक्रिया को एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। पंचायत प्रोफ़ाइल से लेकर और कार्य योजना निर्माण गतिविधियों के कार्यान्वयन, परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग, प्रगति निगरानी, रिपोर्टिंग और वित्त एवं लेखांकन तक, यह प्लेटफॉर्म जमीनी स्तर पर पारदर्शी, जवाबदेह और डेटा-आधारित सुशासन को सक्षम बनाता है। अपने एकीकृत दृष्टिकोण के साथ, ईग्रामस्वराज पंचायत गतिविधियों की प्रभावी योजना, कार्यान्वयन, वित्तीय प्रबंधन और निगरानी को सुगम बनाता है, साथ ही पूरे देश में पंचायतों के लिए एक सामान्य डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म राज्य सरकारों, पंचायती राज संस्थाओं, पंचायत-स्तरीय पदाधिकारियों, पंचायती राज मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की सक्रिय भागीदारी और प्राप्त सुझावों के माध्यम से विकसित हो रहा है।

 

 

उद्देश्य

विभिन्न हितधारकों से प्राप्त इनपुट के आधार पर, पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) की राय है कि ई-ग्राम स्‍वराज अनुप्रयोग का तकनीकी और कार्यात्मक नवीनीकरण आवश्यक है। इस आशय का उद्देश्य नवीनतम प्रौद्योगिकिय उन्‍नयनों और उपयुक्तता के अनुसार उभरती तकनीकी समावेशनों के साथ अनुप्रयोग को उन्‍नत बनाना है। कार्यात्मक मोर्चे पर, नए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) और प्रक्रम पुन:अभियांत्रिकी के डिजाइन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उद्योग और क्षेत्र के स्तर पर सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में बेहतर समझ प्राप्‍त करने के लिए, पूरे देश के विशेषज्ञों की एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
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ई-ग्राम स्‍वराज की संरचना

ई-ग्राम स्‍वराज को निम्नलिखित3 प्रमुख लक्षित उपयोगकर्ता समूहोंको ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है:

  1. स्थानीय निकाय: ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय दोनों मिलकर इस अनुप्रयोग के प्राथमिक अंतिम उपयोगकर्ता हैं। क्षेत्र स्तर पर कार्य करते हुए, ये उपयोगकर्ता, ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के निर्माण, कार्य प्रगति की निगरानी, ​​विक्रेता और कर्मचारी प्रबंधन, और वित्तीय प्रबंधन जैसी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्राथमिक संरक्षक हैं।
  2. संबद्ध विभाग: जीपीडीपी सभी 29 विषयों और भारत सरकार के 18 मंत्रालयों को कवर करती है। ये संबद्ध विभाग विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और योजनाओं को चलाने के लिए जिम्मेदार हैं। डेटा आधारित योजना और निगरानी, ​​स्वाभाविक रूप से, सफल, अंतिम-मील,लक्ष्‍य, सेवा प्रदायगी, खासकर मजबूत वित्तीय प्रबंधन के की नींव है।
  3. नागरिक: जबकि ग्राम पंचायत नागरिकों और प्रशासन के निर्वाचित और चयनित प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होती है,फिर भी यह प्रत्येक नागरिक का अधिकार और उससे भी महत्वपूर्ण, उसकी जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र में हो रही प्रगति और विकास की स्थिति के बारे में सतर्क और जागरूक रहे। प्रमाणित और सुगम उपलब्ध डेटा से लैस, आम जनता समावेशी निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

eGramSwaraj report Map

उपरोक्त उच्च-स्तरीय उपयोगकर्ता व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुए, निम्नलिखित 6 मॉड्यूल ई-ग्राम स्‍वराज अनुप्रयोग की रीढ़ हैं:

 

  1. पंचायत प्रोफ़ाइल: इस मॉड्यूल में ग्राम पंचायत की सामान्य प्रोफ़ाइल, निर्वाचित सदस्यों का विवरण (सरपंच – अध्यक्ष से लेकर वार्ड सदस्य), समिति के सदस्यों के विवरण और कर्मचारियों के विवरण शामिल हैं। यह सूचना नागरिकों और वेबसाइट के आगंतुकों को ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों और कर्मचारियों तक आसानी से पहुँचने में मदद करती है।
  2. नियोजन: ग्राम सभा की बैठक में, एक निश्चित समय अवधि के भीतर किए जाने वाले कार्यों की योजना का प्रस्ताव किया जाता है। ग्राम सभा में स्वीकृत कार्यों को पंचायती राज संस्थाओं द्वारा ई-ग्राम स्‍वराज वेबसाइट पर एक गतिविधि के रूप में दर्ज किया जाता है। जिला प्रशासन द्वारा केवल उन्हीं कार्यों के लिए प्रशासनिक संस्वीकृति प्रदान की जाती है जो बजट आवंटन के संबंध में ई-ग्राम स्‍वराज में दर्ज किए गए हैं।

मंत्रालय ने एक स्थानिक नियोजन अनुप्रयोग,ग्राम मानचित्र.भी विकसित किया है। यह अनुप्रयेाग लोगों की प्राथमिकता और जरूरतों से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं, आजीविका अवसरों और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करते हुए नियोजन और प्रबंधन के लिए विभिन्न परिदृश्यों के निर्माण में सुविधा प्रदान करता है। इसने सतत विकास के लिए भौगोलिक डेटा के उपयोग के साथ पंचायत स्तर पर प्रासंगिक डेटा प्राप्त करके और नियोजन करके, नियोजन प्रक्रिया में उद्देश्‍यपरकता को बढ़ाया है। यह उपयोगकर्ता को भौगोलिक डेटा के आधार पर निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। ड्रोन से खींचे गए चित्र, बड़े पैमाने पर और उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले गाँव के नक्शे; इमारतों, सड़कों, भू आवरण, पानी की टंकियों, खुले भूखंडों आदि जैसी सभी दृश्यमान दृश्‍यों के निष्कर्षण और ग्राम मानचित्र अनुप्रयोग में आधार मानचित्र परतों के संरचन में कार्य कर सकते हैं।

  1. प्रगति की रिपोर्टिंग:यह मॉड्यूल विभिन्न केंद्रीय / राज्य विशिष्ट योजनाओं और / या धन के अन्य स्रोतों का उपयोग करते हुए कार्य योजना में शामिल गतिविधियों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की रिपोर्टिंग में सुविधा प्रदान करती है। प्रगति तकनीकी और प्रशासनिक अनुमोदन खंडों में परिलक्षित होती है। तकनीकी अनुमोदन कार्य की अनुमोदित लागत को ट्रैक करते हैं। प्रशासनिक अनुमोदन कार्यान्वयन और क्रियान्वयन एजेंसी के नामों के साथ-साथ किसी कार्य के लिए स्वीसंकृत राशि को ट्रैक करते हैं।
  2. लेखाकरण:उचित नियंत्रण रखने और बेहतर जवाबदेही सुनिश्चित करने, बजट और लेखाओं को तैयार करने हेतु प्रारूप और पीआरआई के वित्तों पर डेटाबेस सुनिश्चित करने के लिए; एमओपीआर ने सीएजी के साथ मिलकर पंचायतों के लिए मॉडल अकाउंटिंग सिस्टम (एमएएस) शुरु किया है। उपयोगकर्ता इसमें उपलब्ध केंद्रीय और राज्य योजनाओं का चयन और मैपिंग कर सकते हैं, विक्रेता और कर्मचारी विवरण डाल सकते हैं, और वाउचर-आधारित, इसके द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर सहित सत्यापित लेन-देन किया जा सकता है। लेन-देन के रिकॉर्ड और बहीबंदी अर्थात बुक क्लोजिंग के आधार पर, रोकड़ बही और बैंक खाता का मिलान व समाधान किया जा सकता है।
  3. परिसंपत्ति मार्गदर्शिका (एसेट डायरेक्टरी):यह मॉड्यूल किसी परिसंपत्ति की स्थिति बदलने पर, उसे अपडेट करने में सुविधा प्रदान करती है। सिस्टम परिसंपत्ति की स्थिति (परित्यक्त/ सक्रिय/ ध्वस्त/ प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त/ अनुपयोग (भिन्‍न मौसम के दौरान)/चोरी) से संबंधित अद्यतन विवरणों, अद्यतन की स्थिति, किस तिथि को परिसंपत्ति की स्थिति अद्यतित की गई, आदि को अभिग्रहित करता है।
  4. उपयोगकर्ता प्रबंधन: यह मॉड्यूल उपयोगकर्ता के खातों के प्रबंधन में विभिन्न स्तरों पर सिस्टम एडमिनिस्‍टरेटरों को सहायता प्रदान करता है और सिस्टम के विभिन्न मॉड्यूल और कार्यात्मकताओं तक उनकी पहुंच की सीमा के साथ-साथ विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच के लिए उपयोगकर्ता के क्रेडेंशियल का प्रबंधन भी करता है।

इन मॉड्यूल और उनकी संबंधित कार्यात्मकताओं पर आधारित, ई-ग्राम स्वराज ग्राम पंचायतों के लिए कार्य योजना और निगरानी जीवनचक्र के निर्बाध, एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण में सुविधा प्रदान करता है। विकास योजना के निर्माण से लेकर जियो-टैग की गई भौतिक प्रगति की निगरानी करने और अंतत: वित्तीय प्रगति की ट्रैकिंग तथा निधियों के पीएफएमएस संबद्ध संवितरण तक, ई-ग्राम स्वराज ग्राम पंचायत विकास पारिस्थितिकी के सभी महत्वपूर्ण हितधारकों के लिए एकमात्र अथवा वन-स्टॉप समाधान के रूप में कार्य करता है।

ईग्राम स्वराज का ब्रोशर

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